मातृत्व बाधा नहीं होना चाहिए नारी के आत्मनिर्भर बनने में

मातृत्व एक नारी के जीवन की सबसे स्नेह पूर्ण एहसास एक परिवार में गुँजती किलकारियोंं से खुशी-उमंग का एहसास इस पूरी सृष्टि का सृजन करता मातृत्व क्यों हमारे समाज में हमारे आस-पास के माहौल में एक नारी के आत्मनिर्भर बनने उसके कैरियर बनाने में बाधा माना जाता है या यू् कहें बाधा बना दिया जाता है इस रूढ़िवादी समाज द्वारा जहाँ बच्चे को पैदा करने के साथ उससे जुड़ी हर जिम्मेदारी उस बच्चे का खाना-पान व अन्य सभी जरूरी काम बस माँ के हिस्से आता है पिता या परिवार के अन्य किसी सदस्य की कोई जिम्मेदारी नहीं मानी जाती जब एक नारी माँ बनती है चाहे वह किसी प्रोफेशन में हो या घरेलू महिला उसके माँ बनते ही अपने सपने अपना प्रोफेशन छोड़ना पड़ता है यह देखा भी जाता है की समाज में माँ बनते ही अपना प्रोफेशन छोडना सही समझा जाता है।

कुछ औरतों के माँ बनने पर उनके प्रोफेशनल लाइफ मे़ उनके पति या परिवार का साथ मिलता है तो कुछ को नहीं परन्तु जिन महिलाओं को सबका सपोर्ट मिलता है उनके लिए भी घर के बाहर जाकर काम जारी रख पाना आसान नहीं होता वजह वर्किंग प्लेस पर मातृत्व को लेकर कोई सहजता नहीं दिखती प्राइवेट कम्पनियां हों या सरकारी दफ्तर मातृत्व अवकाश को लेकर बहुत कम नियम या कहें सहूलियत एक नारी को दी जाती है। एक बच्चे को जन्म के बाद से छः महीने तक अनिवार्य स्तनपान कराना व ड़ेढ़ से दो साल तक का समय अनिवार्य होता है । ऐसी स्थिति में महिलाओं के पास अपने प्रोफेशन को छोड़ने के अलावाँ दूसरा कोई रास्ता नहीं होता बहुत सी महिलाएं एक बार अपना काम छोड़ देती हैं तो कुछ सालों बाद दोबारा काम शुरू करने में प्रोफेशनल लाइफ शुरू करने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है ।

अगर प्राइवेट कम्पनियों में सरकारी दफ्तरों में मातृत्व अवकाश को लेकर कुछ सहूलियत भरे नियम बनायें जाएं ताकि महिलाएं अपने काम को जारी रख सकें माँ बनकर मातृत्व का स्नेह भरा रिश्ता भी निभा सकें। माँ बनना किसी भी स्त्री के के लिए गर्व व खुशी की बात है हालांकि माँ बनना हर स्त्री की अपनी मर्जी होनी चाहिए और वो महिलाएं जो माँ बन कर मातृत्व के अनुभूति करना चाहती हैं व अपना करियर भी बनाना चाहती हैं उनके लिए ऑफिस ,दफ़्तरों में मातृत्व को बाधा नहीं मानना चाहिए न उन काम करने वाली महिलाओं के लिए बन्धन बनाना चाहिए इसके लिए सरकार ऑफिस व घरों के बाहर निकलकर काम करने वाली महिलाओं के लिए कार्य प्रणाली को सरल बनाना चाहिए जब तक की बच्चा स्कूल जाने लायक नहीं हो जाता मातृत्व करियर में बाधा नहीं है बस दिमाग-दिल के दरवाजे खोलकर बस एक माँ का थोड़ा सा साथ निभाने की जरूरत है ।

2 responses to “मातृत्व बाधा नहीं होना चाहिए नारी के आत्मनिर्भर बनने में”

  1. स्त्री के प्रती सद्भावना प्रकट करते हुए ,बहुत महत्त्वपूर्ण विचार रखें हैं।🙌

    Like

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

Create your website with WordPress.com
Get started
%d bloggers like this: