प्रदर्शन का अधिकार

प्रदर्शन का अधिकार गणतंत्र देश होने की पहचान है

गणतंत्र देश की पहचान क्या होती है? इस सवाल पर सब यही कहेंगे जहाँ हर व्यक्ति को अपनी बातों को कहने की आजादी हो जहाँ स्वयं को अभिव्यक्त करने की आजादी हो उसी देश को गणतंत्र देश कहेंगे।

परन्तु उत्तर-प्रदेश में हुई एक घटना जिसमें छात्रों को पुलिस बेरहमी से पीट रही थी छात्रावास में घुसकर दरवाजे पीट-पीटकर छात्रों को बार निकाल रही थी । यह नज़ारा डराने वाला था। पुलिस के इस उग्र कार्यवाई की वजह यह थी की सरकार द्वारा 2019में निकाली गई रेलवे की भर्ती प्रक्रिया में विलम्ब व धांधली को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया था उन्होंने कोई जुर्म नहीं किया था छात्रों ने अपने अधिकारों के अंतर्गत प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया था जो कि एक गणतंत्र देश में हर नागरिक का जन्मसिद्ध अधिकार है ।अगर कोई व्यक्ति सरकार की नीतियों से सहमत नहीं है तो वह सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर अपना विरोध जता सकता है ।फिर सरकार ने कॉलेज के छात्रों के प्रदर्शन पर उनसे अपराधियों जैसा बर्ताव क्यों किया पुलिस के उग्र बर्ताव से छात्रों व नागरिकों में एक डर पैदा हो गया है इस बात की जवाबदेही किसकी है । एक गणतंत्र देश में प्रदर्शन के अधिकार का हनन कहाँ तक सही है।

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